नव संकल्प के साथ नए दायित्व की दहलीज पर दिखाया आसमान छूने का जज्बा

दोनों दिनों के समारोह में प्रमुख गणमान्य अतिथियों(चीफ गेस्ट्स) में प्रो. (डॉ.) सत प्रकाश बंसल, कुलपति, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश; प्रो. (डॉ.) आलोक कुमार राय, निदेशक, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) कोलकाता; प्रो. (डॉ.) उन्नत पी. पंडित, नियंत्रक महापंजीयक, पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क, भारतीय पेटेंट कार्यालय, डीपीआईआईटी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा प्रो. (डॉ.) दीवान सिंह रावत, कुलपति, कुमाऊं विश्वविद्यालय शामिल रहे।
समारोह में विशिष्ट अतिथि(गेस्ट्स आफ ऑनर) के रूप में प्रो. (डॉ.) ओ. पी. कालरा, पूर्व कुलपति, पंडित बी. डी. शर्मा विश्वविद्यालय एवं एसजीटी यूनिवर्सिटी तथा प्रो. (डॉ.) विकास धवन, महानिदेशक, आईएमएस नोएडा की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए एसजीटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) हेमंत वर्मा ने कहा,
“जब आप एक यात्रा पूर्ण कर नई यात्रा की ओर अग्रसर हो रहे हैं, तो यह स्मरण रखें कि ज्ञान का वास्तविक अर्थ तभी है जब वह सत्यनिष्ठा, संवेदना और उद्देश्य से निर्देशित हो। एसजीटी यूनिवर्सिटी में विकसित अनुशासन, सहनशीलता, समावेशिता और सेवा के मूल्यों को अपने साथ लेकर विश्व में आजीवन शिक्षार्थी एवं जिम्मेदार वैश्विक नागरिक के रूप में आगे बढ़ें।”
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) आलोक कुमार राय ने शिक्षा की सामाजिक जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“महात्मा गांधी के अनुसार हमारे विश्वास ही हमारे भविष्य को आकार देते हैं। विश्वविद्यालय केवल ज्ञान प्राप्ति का केंद्र नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जहां बुद्धि, मूल्य और चरित्र मिलकर भावी नेतृत्व का निर्माण करते हैं। यहां अर्जित ज्ञान और सिद्धांत छात्रों को समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करेंगे, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और भारत की मानव-केंद्रित शिक्षा की परिकल्पना के अनुरूप है।”
एसजीटी यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अतुल कुमार नासा ने विश्वविद्यालय की समग्र शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा,
“एसजीटी यूनिवर्सिटी में हम अनुशासन, रचनात्मकता, नेतृत्व और सेवा का संतुलित समावेश करने वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शैक्षणिक सत्र 2024–25 नवाचार, सामाजिक प्रभाव और 'फ्यूचर-रेडी' वैश्विक नागरिकों के निर्माण की दिशा में हमारे सफर का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।”
प्रो. (डॉ.) सत प्रकाश बंसल ने उत्कृष्टता और उद्देश्य पर अपने विचार साझा करते हुए कहा,
“विश्वविद्यालय परिसर को उत्कृष्टता का प्रतीक होना चाहिए और उत्कृष्टता कभी संयोग से प्राप्त नहीं होती। यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति, संस्थान और राष्ट्र निरंतर स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं। प्रदर्शन के मानक व्यक्ति के अपने दृष्टिकोण और सपनों से निर्धारित होते हैं, जिन्हें एकाग्रता, तैयारी और जोखिम उठाने के साहस से प्राप्त किया जा सकता है, बिना असफलताओं से विचलित हुए।”
दीक्षांत समारोह ने न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया, बल्कि सत्यनिष्ठा, सेवा, नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्रीय दायित्व जैसे उन स्थायी मूल्यों को भी रेखांकित किया, जिन्हें एसजीटी यूनिवर्सिटी अपने विद्यार्थियों में विकसित करती है। यह आयोजन राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, शोध उत्कृष्टता और सामाजिक प्रभाव के साथ शिक्षा को संरेखित करने के विश्वविद्यालय के संकल्प की पुनः पुष्टि करता है।

