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रोहतक पीजीआई की ओपीडी एक घंटे बंद रही

डॉक्टरों का एमबीबीएस स्टूडेंट्स को समर्थन, बॉन्ड पॉलिसी का कर रहे विरोध
 
 रोहतक पीजीआई  की ओपीडी एक घंटे बंद रही
रोहतक, 19 नवंबर । पीजीआई में ओपीडी करीब एक घंटे तक एमबीबीएस छात्रों के समर्थन में बंद रही। इस दौरान पीजीआई में पहुंचने वाले मरीजों को भी समय पर उपचार नहीं मिल पाया। ऐसे में काफी मरीजों को दिक्कत हुई। साथ ही मरीज भी एमबीबीएस स्टूडेंट्स के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।
मरीजों ने भी किया समर्थन
मरीजों ने भी कहा कि इन भावी डॉक्टरों की मांगों पर सरकार को मंथन करना चाहिए ताकि विद्याथ्र्री किसी प्रकार का प्रदर्शन करने की बजाय पढ़ाई करें। इधर, इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि हड़ताल के बाद ओपीडी सुचारू शुरू हो गई।
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक घंटे तक जब ओपीडी बंद रही तो एमबीबीएस स्टूडेंट भी ओपीडी में ही मौजूद रहे। उन्होंने मरीजों व उनके साथ आए लोगों से मदद भी मांगी। साथ ही एक घंटे तक ओपीडी बंद रहने के कारण हुई परेशानी को लेकर भी लोगों के समक्ष अपनी पीड़ा रखी ताकि लोग उनके समर्थन में खड़े हों।

19 दिन से जारी प्रदर्शन
एमबीबीएस स्टूडेंट पिछले 19 दिन से लगातार रोहतक पीजीआई में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पहले ही स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने की चेतावनी दे रखी थी। इसके तहत करीब एक घंटे तक ओपीडी बंद रखी और मरीजों को चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पाई। छात्रों ने चेतावनी भी दी कि जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए अन्यथा आंदोलन को और बढ़ाया जाएगा।
ये रखी मांग
- बॉन्ड एग्रीमेंट में से बैंक की दखल अंदाजी पूरी तरह से खत्म की जाए।
- साथ ही बॉन्ड सेवा की अवधि 7 साल से घटाकर अधिकतम 1 वर्ष की जाए।
- ग्रेजुएशन के 2 महीने के अंदर सरकार एमबीबीएस ग्रेजुएट को नौकरी प्रदान करे।
- 40 लाख सेवा बॉन्ड राशि को घटाकर 5 लाख रुपए किया जाए
- पीजी कोर्स एमडी, एमएस के बारे में स्थिति बिल्कुल साफ की जाए।
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