सोनीपत ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के सामने नाइट क्लबों में छापेमारी
-हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया
छह घंटे तक रही
Apr 17, 2026, 12:54 IST

सोनीपत, 17 अप्रैल सोनीपत
में ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के सामने स्थित नाइट क्लबों में नशे और संदिग्ध गतिविधियों
की शिकायत मिलने पर हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया गुरुवार आधी रात तक करीब छह घंटे साधारण कपड़ों में टीम के साथ मौके पर पहुंचीं तलाशी
अभियान चलाया। इस दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, जिनसे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न
खड़े हुए हैं।
महिला आयोग को गुप्त रूप से सूचना मिली थी कि यूनिवर्सिटी के आसपास चल रहे नाइट क्लबों की
आड़ में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चेयरपर्सन
ने स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया। गुरुवार शाम से शुरू हुआ अभियान
आधी रात तक चला। टीम ने क्षेत्र के कई नाइट क्लबों की जांच की, परन्तु अधिकांश क्लब
पहले से बंद मिले। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि छापेमारी की सूचना पहले ही लीक हो चुकी
थी।
सूचना लीक होने के कारण कई क्लब संचालक मौके से फरार बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर कर्मचारी
अंदर लाइट बंद करके बैठे मिले। पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि संचालकों ने पहले
ही निर्देश दे दिए थे कि उस दिन क्लब संचालित नहीं करना है, क्योंकि पुलिस और महिला
आयोग की छापेमारी होने वाली है। इस खुलासे ने पूरे अभियान की गोपनीयता पर सवाल खड़े
कर दिए।
छापेमारी के दौरान टीम ने क्लबों के आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। वहां युवक-युवतियों
को खुलेआम शराब पीते पाया गया।
रेणु भाटिया ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि टीम के पहुंचने से पहले ही जानकारी लीक
हो गई। उनके अनुसार जिसने भी यह सूचना साझा की, उसने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की दोबारा बिना सूचना के जांच की जाएगी। अगली
बार किसी भी प्रकार की लापरवाही, अवैध गतिविधि या नियमों का उल्लंघन मिलने पर सख्त
कार्रवाई की जाएगी।
में ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के सामने स्थित नाइट क्लबों में नशे और संदिग्ध गतिविधियों
की शिकायत मिलने पर हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया गुरुवार आधी रात तक करीब छह घंटे साधारण कपड़ों में टीम के साथ मौके पर पहुंचीं तलाशी
अभियान चलाया। इस दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, जिनसे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न
खड़े हुए हैं।
महिला आयोग को गुप्त रूप से सूचना मिली थी कि यूनिवर्सिटी के आसपास चल रहे नाइट क्लबों की
आड़ में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चेयरपर्सन
ने स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया। गुरुवार शाम से शुरू हुआ अभियान
आधी रात तक चला। टीम ने क्षेत्र के कई नाइट क्लबों की जांच की, परन्तु अधिकांश क्लब
पहले से बंद मिले। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि छापेमारी की सूचना पहले ही लीक हो चुकी
थी।
सूचना लीक होने के कारण कई क्लब संचालक मौके से फरार बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर कर्मचारी
अंदर लाइट बंद करके बैठे मिले। पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि संचालकों ने पहले
ही निर्देश दे दिए थे कि उस दिन क्लब संचालित नहीं करना है, क्योंकि पुलिस और महिला
आयोग की छापेमारी होने वाली है। इस खुलासे ने पूरे अभियान की गोपनीयता पर सवाल खड़े
कर दिए।
छापेमारी के दौरान टीम ने क्लबों के आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। वहां युवक-युवतियों
को खुलेआम शराब पीते पाया गया।
रेणु भाटिया ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि टीम के पहुंचने से पहले ही जानकारी लीक
हो गई। उनके अनुसार जिसने भी यह सूचना साझा की, उसने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की दोबारा बिना सूचना के जांच की जाएगी। अगली
बार किसी भी प्रकार की लापरवाही, अवैध गतिविधि या नियमों का उल्लंघन मिलने पर सख्त
कार्रवाई की जाएगी।

