Pal Pal India

27 फरवरी, शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित जाट भवन में होगी इनेलो की राष्ट्रीय/राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक

 कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में फेल, इनेलो के दोनों विधायकों की सीट को फ्रंट में लगाया जाए हम निभाएंगे विपक्ष की असली भूमिका: अदित्य देवीलाल
-स्पीकर ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा
 
  27 फरवरी, शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित जाट भवन में होगी इनेलो की राष्ट्रीय/राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक
चंडीगढ़, 25 फरवरी। 27 फरवरी, शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 27 स्थित जाट भवन में इनेलो की राष्ट्रीय/राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में जनरल बॉडी के सभी राष्ट्रीय एवं राज्य पदाधिकारी, सदस्य, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, प्रकोष्ठों के प्रदेश और जिला संयोजक, जनरल बॉडी के जिला एवं हलका प्रधान भाग लेंगे। इस बैठक में महत्वपूर्ण विषयों को लेकर चर्चा की जाएगी। वहीं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
बजट सत्र के चौथे दिन सदन में इनेलो विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारी विधानसभा की कार्रवाई को करोड़ों लोग टकटकी लगा कर सत्ता और विपक्ष द्वारा रखी गई बातों को देखते हैं। आज हरियाणा की भाजपा सरकार से कोई भी व्यक्ति सुखी नहीं है। लोग सिर्फ कागजों का बोझ ढो रहे हैं। वहीं मुख्य विपक्ष कांग्रेस भी विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह से फेल रही है। जैसे ही कोई जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा आता है तो ये सदन को छोड़ कर बाहर चले जाते हैं। अदित्य देवीलाल ने स्पीकर से मांग की कि इनेलो के दोनों विधायकों की सीट फ्रंट में लगाई जाए ताकि हम मुख्य विपक्ष की भूमिका निभा सकें। स्पीकर ने भी अदित्य देवीलाल की मांग मानते हुए कहा कि इसपर विचार किया जाएगा।
प्रश्नकाल में अदित्य देवीलाल ने पूछा कि 9 साल हो गए मसीतां गांव का खेल स्टेडियम अधूरा पड़ा है। उसपर खर्च की गई 18 लाख 96 हजार रुपए की आज तक कोई जांच नहीं की गई और न ही यह बताया गया है कि निर्माण कार्य में इतनी ढिलाई क्यों की गई है। मसीतां के साथ साथ मौजगढ़, अलीका, राजपूरा और लखुआना गांव के युवा भी इसी स्टेडियम के भरोसे हैं। वहीं डबवाली में गुरू गोबिंद सिंह स्टेडियम का भी न तो कोई काम हो रहा है और न ही कोई जांच की जा रही है। सप्लीमेंट्री प्रश्न पूछते हुए कहा कि गौरीवाला, रामपुरा बिश्नोईयां में मुख्यमंत्री ने ढाई-ढाई करोड़ की लागत के बड़े स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी लेकिन इनकी केवल दीवार खींच कर काम रोक दिया गया है। खेल मंत्री से पूछा कि यह काम कब तक पूरा होगा?
-काम रोको प्रस्ताव पर अदित्य देवीलाल-
एचपीएससी और एसएससी द्वारा सरकारी नौकरियों पर लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर इनेलो विधायक अदित्य देवीलाल ने कहा कि यह युवा से जुड़ा हुआ बेहद गंभीर विषय है। हमारे प्रदेश के बच्चे अपना भविष्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इस चर्चा को भी हमारे युवा बड़ी गंभीरता से ले रहे हैं। आज स्कलू, कॉलेज, अस्पताल, एचसीएस, एडीओ, पीजीटी,पोलिटिक्ल साइंस और कंप्यूटर साइंस में बहुत ज्यादा वेकेंसिज हैं और बहुत बड़ा क्राइसेस है। बीजेपी और कांग्रेस दोनो सरकारों ने इस क्राइसेस को डील करने की कोई रणनीति नहीं बनाई। बीजेपी के राज में एचपीएससी के दफ्तर में सरकारी नौकरी देने के एवज में करोड़ों रुपए पकड़े गए। आज तक किसी की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई। केवल युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया के लिए हाईकोर्ट द्वारा जांच के आदेश आने पर कितने नौजवानों को फिंगर प्रिंट के लिए अंगूठे कटवाने पड़े। अगर आंखों की जांच आती तो कितने युवाओं को अपनी गर्दन कटवानी पड़ती। एचपीएससी के चेयरमैन कहते हैं कि हरियाणा के बच्चे काबिल नहीं हैं अगर काबिल नहीं हैं तो आज यहां उनके लिए चर्चा कयों कर रहे हैं? हरियाणा के युवाओं को नौकरी न देकर राजस्थान, बिहार, यूपी, उतराखंड, पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र इत्यादि राज्यों के बच्चों को नौकरियां दी जा रही हैं। राजस्थान जैसे सभी राज्य 1 प्रतिशत से भी कम बाहर के प्रदेशों के लोगों को नौकरी देती है। चौटाला साहब की सरकार में सभी वर्गों के बच्चों को बिना कोई पैसे लिए और बिना किसी भेदभाव के सरकारी नौकरियां दी गई। हमारे प्रदेश के बच्चों का सपना था कि वो डॉक्टर और पायलट बने लेकिन बीजेपी सरकार ने उनको रोजगार निगम तक सिमित कर दिया। बीजेपी सरकार ने एचपीएससी का चेयरमैन बिहार का लगाया हुआ है ऐसा पहले कभी भी नहीं हुआ।
-राज्यपाल अभिभाषण पर बोले विधायक अर्जुन चौटाला-
राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने बीजेपी सरकार की पोल खोल के रख दी। उन्होंने कहा कि इस अभिभाषण में बड़ी बड़ी डींगे हांकी गई है। सार यह है कि जो चाहिए देंगे पर कब देंगे पता नहीं, कहा गया सब होगा लेकिन कब होगा पता नहीं। कहा गया कि हरियाणा को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाया जाएगा। पर क्या सरकार को यह पता है कि 1 ट्रिलियन डॉलर का मतलब 90 लाख करोड़ रूपए बनता है और हरियाणा का बजट ही 3 लाख करोड़ तक नहीं पहुंचा है। विजन डॉक्यूमेंट में कहा गया कि एआई इनोवेशन को लेकर बात कही गई लेकिन सच्चाई यह है कि हमारे यहां एआई कहीं सिखाया ही नहीं जा रहा। जब सिखाया नहीं जा रहा तो इनोवेशन कहां से लाएंगे। शिक्षा को रिइमेजिन, रिडिजाईन और रिइनवेस्ट करने की बात कही गई जबकि इसका मतलब होता है कि पूराने सिस्टम को खत्म करके नया सिस्टम बनाना। आज के दिन सरकार में ऐसी क्षमता दिखाई ही नहीं देती ये सब मात्र मार्केटिंग स्टंट है। हम पढ़े लिखे हैं हमें तथ्य चाहिए इन हवाई बातों से कुछ नहीं होगा। ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स की बात की गई। लेकिन सच्चाई बिल्कुल उलट है। आज हमारे सबसे पिछड़े वर्ग की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। हरियाणा में जब बाढ़ आई थी तो किसानों की फसल और गरीबों के घर पूरी तरह से बर्बाद हो गए थे। बड़े ही शर्म की बात है कि जिन गरीबों के घर ढह गए थे उनसे सरकार ने सर्वे करवाने के नाम पर 100-100 रूपए लिए। इससे ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है जिस गरीब के पास अपने बच्चों के लिए छत नहीं बची उनसे भी पैसे लिए गए। अब उन गरीबों की वोट नहीं सरकार को बददुआ मिलेगी। गुरु शिष्य योजना की बात की गई। उसकी भी सच्चाई यह है कि अब तक 219 गुरु और 270 शिष्य ही तैयार किए जा सके हैं। एक गुरु के साथ कम से कम 15 बच्चे होने चाहिए थे। सुपर 100 की भी बात की गई लेकिन 2018 से लेकर अब तक सिर्फ 450 बच्चों का ही दाखिला आईआईटी और मेडिकल में हुआ है जो साल का औसतन 100 बच्चे भी नहीं है। कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। जहां पुलिस कर्मचारियों की कमी की वजह से होमगार्ड के कर्मचारियों को लगा रखा है। यही होमगार्ड के कर्मचारियों से 12 घंटे काम लिया जाता है और तनख्वाह आधी भी नहीं दी जाती। न ही इनको पुलिस की ट्रेनिंग दी जाती है लेकिन उम्मीद इनसे पुलिस कर्मचारी के बराबर काम करने की करते हैं। महिला सशक्तिकरण की बात की जा रही है जिसके तहत ड्रोन दीदी तैयार करने पर सरकार इतना खुश हो रही है। लेकिन हकीकत यह है कि 2021 से अब तक 5 सालों में मात्र 33 ड्रोन दीदी ही तैयार हो सकी हैं। बताया गया कि यमुना के पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं। जबकि यमुना का पानी दिल्ली से गंदा होके आता है तो ट्रीटमेंट प्लांट दिल्ली को लगाना चाहिए। हम कब तक पंजाब और दिल्ली के जहरीले कैमिक्ल को हरियाणा में आने देंगे जिससे हमारे लोग कैंसर जैसी भयंकर बिमारी से ग्रस्ति हो रहे हैं।