वेतन न मिलने से खफा एनएचएम कर्मचारियों ने नागरिक अस्पताल के बाहर किया विरोध प्रदर्शन
वेतन न मिलने से त्यौहार पड़े फीके, राखी के बाद जन्माष्टमी भी नहीं मना पाएंगे कर्मचारी :
Aug 12, 2025, 13:28 IST

सिरसा 12 अगस्त
नेशनल हैल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों ने पिछले 4 माह से वेतन न मिलने से नाराज होकर सोमवार आज दिनांक 12.8.2025 को नागरिक अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया और सरकार से कर्मचारियों के बकाया वेतन का जल्द भुगतान करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान कुंदन गावड़िया ने किया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से वेतन जारी न होने के चलते बहनों ने काली राखी बांधी थी। अब वेतन नहीं दिया तो कर्मचारी जन्माष्टमी त्योहार भी नहीं मना सकेंगे। अनेक एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे।
एनएचएम कर्मचारी पिछले 25 साल से केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर पूरी निष्ठा, मेहनत और लगन से लागू करते हैं। सरकार पिछले चार माह से वेतन का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार वार्ता के बावजूद वेतन न मिलना हरियाणा सरकार के रवैये पर सवाल खड़े करता है। वेतन न मिलने से कई कर्मचारियों के बच्चों की फीस न देने के कारण नाम कट गए हैं। बैंक लोन की किश्तें समय पर न चुकाने से कर्मचारी बैंक डिफॉल्टर हो गए हैं। रिश्तेदारों व मित्रों से लिया गया कर्ज न चुकाने से सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। घर का राशन और दवाइयां तक खरीदना मुश्किल हो गया है। इन तमाम परिस्थितियों के बावजूद एनएचएम कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत कर्मचारियों का जीवन यापन वेतन पर आधारित हैं लेकिन सरकार व अधिकारी इन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बिलकुल गंभीर नहीं है। कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि एनएचएम कर्मचारियों के बकाया वेतन का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए ताकि यह कर्मचारी अपने परिवार के साथ त्यौहारों की खुशियां मना सकें। इसके अलावा उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी व अधिकारियों से संघ के साथ बातचीत कर कर्मचारियों की अन्य समस्याओं जैसे लोकेशन आधारित जिओ फेसिंगा हाजिरी लगाने का फरमान वापस लेने, एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने आदि पर भी सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है। एनएचएम कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
नेशनल हैल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों ने पिछले 4 माह से वेतन न मिलने से नाराज होकर सोमवार आज दिनांक 12.8.2025 को नागरिक अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया और सरकार से कर्मचारियों के बकाया वेतन का जल्द भुगतान करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान कुंदन गावड़िया ने किया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से वेतन जारी न होने के चलते बहनों ने काली राखी बांधी थी। अब वेतन नहीं दिया तो कर्मचारी जन्माष्टमी त्योहार भी नहीं मना सकेंगे। अनेक एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे।
एनएचएम कर्मचारी पिछले 25 साल से केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर पूरी निष्ठा, मेहनत और लगन से लागू करते हैं। सरकार पिछले चार माह से वेतन का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार वार्ता के बावजूद वेतन न मिलना हरियाणा सरकार के रवैये पर सवाल खड़े करता है। वेतन न मिलने से कई कर्मचारियों के बच्चों की फीस न देने के कारण नाम कट गए हैं। बैंक लोन की किश्तें समय पर न चुकाने से कर्मचारी बैंक डिफॉल्टर हो गए हैं। रिश्तेदारों व मित्रों से लिया गया कर्ज न चुकाने से सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। घर का राशन और दवाइयां तक खरीदना मुश्किल हो गया है। इन तमाम परिस्थितियों के बावजूद एनएचएम कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत कर्मचारियों का जीवन यापन वेतन पर आधारित हैं लेकिन सरकार व अधिकारी इन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बिलकुल गंभीर नहीं है। कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि एनएचएम कर्मचारियों के बकाया वेतन का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए ताकि यह कर्मचारी अपने परिवार के साथ त्यौहारों की खुशियां मना सकें। इसके अलावा उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी व अधिकारियों से संघ के साथ बातचीत कर कर्मचारियों की अन्य समस्याओं जैसे लोकेशन आधारित जिओ फेसिंगा हाजिरी लगाने का फरमान वापस लेने, एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने आदि पर भी सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है। एनएचएम कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।

