सिरसा शहर में यातायात की परेशानी पर सांसद सैलजा गंभीर, रेल मंत्री को भेजा पत्र
-चतरगढ़ पट्टी रोड का पुराना फाटक खोलने व वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की रखी मांग

-ओवरब्रिज निर्माण की वजह से शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों का संपर्क लगभग ठप हो गया है
सिरसा शहर में चतरगढ़ पट्टी रोड पर
के कारण पैदा हुई गंभीर यातायात अव्यवस्था और नागरिकों को हो रही भारी दिक्कतों को देखते हुए सिरसा की लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण की वजह से शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों का संपर्क लगभग ठप हो गया है, जिससे तीन लाख से अधिक आबादी वाले शहर के लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, मरीजों, व्यापारियों और दुपहिया वाहन चालकों को भी छोटे-छोटे कामों के लिए लंबे रास्ते तय करने पड़ रहे हैं। कुमारी सैलजा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में शहर के प्रमुख इलाके एक-दूसरे से कट चुके हैं और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध न होने के कारण नागरिकों को मामूली दूरी तय करने में भी काफी समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक चतरगढ़ पट्टी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो जाता और कोर्ट रोड पर प्रस्तावित अंडरब्रिज नहीं बन जाता, तब तक जनता को राहत देने के लिए अस्थायी उपाय जरूरी हैं।
इसी के मद्देनजर कुमारी सैलजा ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि चतरगढ़ पट्टी रोड स्थित पुराना रेलवे फाटक छोटे वाहनों के लिए अस्थायी रूप से तुरंत खोला जाए ताकि आमजन को तत्काल राहत मिल सके और शहर पर यातायात का दबाव कम हो। इसके साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि सिरसा रेलवे स्टेशन के निकट माल गोदाम क्षेत्र के आसपास एक नए वैकल्पिक मार्ग का विकास किया जाए या पूर्व में मौजूद मार्ग को तत्काल प्रभाव से पुन: चालू किया जाए, जिससे ओवरब्रिज निर्माण अवधि में नागरिकों को सुरक्षित व सुचारू आवागमन मिल सके।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा के विकास के लिए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण आवश्यक है, परंतु इसके चलते शहरवासियों को अनावश्यक परेशानियों से नहीं गुजरना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय करेगा, ताकि सिरसा के लोगों को राहत मिल सके और शहर में यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके।

