विधायक गोकुल सेतिया और सीईओ विवाद विधानसभा हाउस मीटिंग में रखा जाएगा: भूपेंद्र सिंह हुड्डा

गौरतलब हो कि सिरसा के कांगे्रस विधायक गोकुल सेतिया और जिला परिषद के सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र के बीच का विवाद अब विधानसभा तक पहुंच गया है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी के व्यवहार को गलत बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि एक विधायक के साथ अधिकारी का व्यवहार ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायकों की आवाज जनता की आवाज है और इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हुड्डा ने यह भी कहा कि यह मामला उन्होंने उठाया है और इसे विधानसभा हाउस मीटिंग में रखा गया है।
हुड्?डा बोले- जुलाना विधायक का एसएचओ फोन नहीं उठा रहा
हुड्डा ने कहा कि यह सिर्फ विधायक अशोक अरोड़ा की बात नहीं है, जुलाना से विधायक विनेश फोगाट का एसएचओ टेलीफोन नहीं उठा रहा था। फोन उठाने पर उसका व्यवहार ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि सिरसा से उनके विधायक गोकुल सेतिया की भी अफसर नहीं सुन रहे हैं। जनता के कामों के लिए विधायक को खुद ही कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते है। अधिकारी जनता तो जनता विपक्ष के लोगों और विधायकों की बात सुनने तक को तैयार नहीं है।
सीईओ क ो काम तो करना ही होगा:सेतिया
उधर सिरसा के कांगे्रस विधायक सेतिया ने कुछ पोस्ट शेयर की हैं, जिसमें लिखा है कि सीईओ को काम तो करना पड़ेगा। इसके अलावा, सरपंच एसोसिएशन को भी चेतावनी देते हुए मैसेज में लिखा है कि उनके काम में कोई न आए और कोई टांग न अड़ाए। उन्होंने कहा कि यह उनके विधानसभा के गांवों की बात है, जहां पर बिना सफाई के बुरा हाल हो रखा है। विधायक सेतिया ने पोस्ट में लिखा है कि सीईओ के बचाव में एक ऐसे सरपंच थे, जिनकी आठवीं कोविड टाइम में ऑनलाइन गैर कानूनी तरीके से मार्कशीट हासिल की गई है। सीईओ को तो बाद में बचाना, आपकी आरटीआई लगाने की तैयारी है। अब देना दखल मेरे काम में ..
गौरतलब हो कि यह विवाद मंगलवार को विधायक सेतिया व सीईओ डॉ. सुभाष की डबवाली रोड पर हुई कार चेज के बाद बढ़ा है। तभी सरपंच एसोसिएशन की एंट्री हुई। सभी ने बयान दिए तो मामला बढ़ गया।
विधायक विधानसभा में उठाएंगे प्रमुख मुद्दे
सत्र से पहले विधायक सेतिया ने शहर में पेयजल समस्या, सप्लाई में शुद्ध पेयजल न मिलना, टूटी सडक़ों, गांवों में बदहाल व्यवस्था और थेहड़ सहित कई मामलो पर लाइव आकर जानकारी दी। सीईओ द्वारा गांवों में व्यवस्था ठीक न होने के बारे में भी जिक्र किया। ऐसे में इन्हीं मुद्दों में से सत्र में उठाने का काम करेंगे। सेतिया साफ कर चुके है कि जनहित के कामों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी जाएगी।
अशोक अरोडा़ के साथ हुए दुव्र्यहार का मामला अलगे सत्र में रखा जाएगा
मानसून सत्र के दौरान विधायक मूलचंद शर्मा ने कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के साथ कुरुक्षेत्र नगर परिषद की बैठक में दुव्र्यवहार के मामले में प्रिविलेज कमेटी की रिपोर्ट रखी। विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण ने कहा कि इस मामले पर अगले सत्र की पहली बैठक में चर्चा होगी। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और अशोक अरोड़ा ने आपत्ति करते हुए अपनी बात रखी और फिर कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। हुड्डा ने कहा कि अशोक अरोड़ा के साथ कुरुक्षेत्र नगर परिषद की बैठक में जो व्यवहार हुआ, उस मामले में उन्होंने एसपी से बात की थी। इस पर आश्वासन मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक विधायक ने कहा अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अशोक अरोड़ा के साथ जो झगड़ा हुआ, वो उनके खास रहे और एक थाली में खाते थे। जवाब देते हुए अशोक अरोड़ा ने कहा एक राजा हरीशचंद्र थे जिन्हें लोग याद करते हैं और एक राजा धृतराष्ट्र थे जिनका लोग अच्छे शासक के तौर पर नहीं लेते है। सीएम को राजा हरीशचंद्र बनना चाहिए। अरोड़ा ने कहा कि जब एक सीएम ही इस तरह की बात कहेंगे तो जांच कैसे होगी। इसपर सीएम ने कहा कि अब ये मामला प्रिविलेज कमेटी के पास है।

