पलवल में सनातन एकता पदयात्रा का अंतिम दिन
बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की तबीयत फिर बिगड़ी
Nov 13, 2025, 14:32 IST

पलवल, 13 नवंबर बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की अगुवाई में चल रही ‘सनातन एकता पदयात्रा’ का हरियाणा में आज छठा एवं अंतिम दिन है। सुबह होडल अनाज मंडी से प्रारंभ यात्रा दोपहर बाद हरियाणा-उत्तर प्रदेश बॉर्डर से यूपी में प्रवेश करेगी। बॉर्डर पर फूलों की सजावट, स्वागत द्वार एवं श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है।
‘सनातन एकता पदयात्रा’ के दौरान शास्त्री जी को अचानक कमजोरी महसूस हुई और वे सड़क पर लेट गए। समर्थकों ने तुरंत घेरा बनाकर ध्यान रखा। पलवल जिला अस्पताल के डॉ. शिवकुमार ने बताया कि बुधवार को भी 100 डिग्री बुखार आने पर डॉक्टरों ने दो दिन आराम की सलाह दी थी, किंतु भक्तों की आस्था का मान रखते हुए उन्होंने यात्रा जारी रखी। मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक इलाज किया और उन्हें दो दिन आराम करने की सलाह दी थी। लेकिन धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों की आस्था का मान रखते हुए यात्रा जारी रखने का निर्णय लिया।
इस बीच यात्रा मार्ग पर सांप्रदायिक सद्भाव का दृश्य भी देखने को मिला। रास्ते में एक मुस्लिम सरपंच ने शास्त्री जी का स्वागत किया। इस पर उन्होंने कहा “हर बार तुम्हारी कौम पर सवाल उठते हैं, इसलिए अपने युवाओं को समझाओ, शिक्षा नीति में सुधार लाओ। जब तक शिक्षा नहीं बदलेगी, तब तक समाज नहीं बदलेगा।” उनके इस वक्तव्य को लोगों ने आपसी एकता और सामाजिक सुधार का संदेश माना।
हरियाणा में ‘सनातन एकता पदयात्रा’ ने पिछले छह दिनों में लगभग 80 किलोमीटर का सफर तय किया है। यात्रा ने जहां-जहां प्रवेश किया, वहां का वातावरण भक्तिमय हो उठा। आज यात्रा के यूपी में प्रवेश के साथ ही इसका नया अध्याय शुरू होगा, जहां हजारों श्रद्धालु बागेश्वर धाम सरकार के स्वागत को उत्सुक हैं।
‘सनातन एकता पदयात्रा’ के दौरान शास्त्री जी को अचानक कमजोरी महसूस हुई और वे सड़क पर लेट गए। समर्थकों ने तुरंत घेरा बनाकर ध्यान रखा। पलवल जिला अस्पताल के डॉ. शिवकुमार ने बताया कि बुधवार को भी 100 डिग्री बुखार आने पर डॉक्टरों ने दो दिन आराम की सलाह दी थी, किंतु भक्तों की आस्था का मान रखते हुए उन्होंने यात्रा जारी रखी। मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक इलाज किया और उन्हें दो दिन आराम करने की सलाह दी थी। लेकिन धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों की आस्था का मान रखते हुए यात्रा जारी रखने का निर्णय लिया।
इस बीच यात्रा मार्ग पर सांप्रदायिक सद्भाव का दृश्य भी देखने को मिला। रास्ते में एक मुस्लिम सरपंच ने शास्त्री जी का स्वागत किया। इस पर उन्होंने कहा “हर बार तुम्हारी कौम पर सवाल उठते हैं, इसलिए अपने युवाओं को समझाओ, शिक्षा नीति में सुधार लाओ। जब तक शिक्षा नहीं बदलेगी, तब तक समाज नहीं बदलेगा।” उनके इस वक्तव्य को लोगों ने आपसी एकता और सामाजिक सुधार का संदेश माना।
हरियाणा में ‘सनातन एकता पदयात्रा’ ने पिछले छह दिनों में लगभग 80 किलोमीटर का सफर तय किया है। यात्रा ने जहां-जहां प्रवेश किया, वहां का वातावरण भक्तिमय हो उठा। आज यात्रा के यूपी में प्रवेश के साथ ही इसका नया अध्याय शुरू होगा, जहां हजारों श्रद्धालु बागेश्वर धाम सरकार के स्वागत को उत्सुक हैं।

