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अग्रवाल वैश्य समाज के गौरव थे जिंदल ग्रुप के संस्थापक ओपी जिंदल: सिंगला

 -उनकी स्मृति में प्रारंभ किया गया है 'ओपी जिंदल अवार्ड'
 
 अग्रवाल वैश्य समाज के गौरव थे जिंदल ग्रुप के संस्थापक ओपी जिंदल: सिंगला
 डबवाली 31 मार्च
अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा जिंदल ग्रुप के संस्थापक ओपी जिंदल की पुण्यतिथि पर श्री गौशाला के संत निवास में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शामिल होकर स्व. ओपी जिंदल को श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के राष्ट्रीय संरक्षक सदस्य सौरभ गर्ग ने कहा कि उन्होंने शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में अहम कार्य किया। एआईकेपीसी के राज्य प्रतिनिधि परमजीत कोचर एवं एपेक्सियन सुभाष मैहता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्व. ओपी जिंदल को एक महान शख्सियत एवं गरीबों के मसीहा बताया। जिंदल ने ग्रामीण आंचल से चलकर अपने व्यापार को भारत वर्ष के साथ-साथ अन्य देशों में ले जाकर स्टील उद्योग में भारत का नाम रोशन किया। सभा में राष्ट्रीय संरक्षक सदस्य प्रीतम बांसल, शाखा अध्यक्ष मदन गर्ग महेंद्रा, प्रवीण गर्ग, विख्यात उद्योगपति लाभ सिंह विक्रम, पूर्व पार्षद सीता राम सिंगला, श्री गौशाला प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधि पवन गार्गी, श्री अग्रवाल महासभा के प्रतिनिधि सुरेश जिंदल पटवारी, श्री वैष्णो माता प्रबंधक कमेटी के कोषाध्यक्ष राकेश जिंदल, युवा रक्तदान सोसायटी के अध्यक्ष सर्वप्रीत सेठी, जिम्मी बांसल, विक्की सिंगला, भारत विकास परिषद के प्रतिनिधि टीकम चंद जग्गा, पवन चुघ, रि. बीमा अधिकारी संतोष शर्मा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुखवंत सिंह चीमा, विख्यात समाजसेवी प्यारे लाल सेठी, रोहित जिंदल बबलू सहित सभी ने स्व. ओपी जिंदल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंगला ने कहा कि स्व. ओपी जिंदल का 31मार्च 2005 को एक विमान दुर्घटना में देहांत हुआ। उस समय वह हरियाणा सरकार में विद्युत मंत्री थे। जिंदल 11वीं लोकसभा में कुरुक्षेत्र से सांसद रहे। मैन ऑफ स्टील के अलंकरण से सुशोभित स्व. ओपी जिंदल सदैव इंजीनियरिंग एवं तकनीकी कार्यों में रूचि रखते थे जबकि उन्होंने इन विषयों पर कोई शिक्षा ग्रहण नहीं की थी। वह एक साधारण व्यापारी थे जिन्होंने बाल्टी निर्माण से अपना व्यापार शुरू किया था। उन्होंने कलकत्ता के पास लिलुआ नामक स्थान पर पाइप बैंड एवं सॉकेट बनाने की फैक्ट्री स्थापित की जिसका नाम जिंदल (इंडिया) लिमिटेड रखा गया। यह टाटा और कलिंग के बाद भारत में अपनी तरह की तीसरी फैक्ट्री थी। उन द्वारा स्थापित की गई औद्योगिक इकाइयां जिसमें 30 भारत में, 3 अमरीका में, एक इंडोनेशिया में स्थित है जिनका संचालन उनकी धर्म पत्नी सावित्री जिंदल, चार सुपुत्र जिनमें पृथ्वी राज जिंदल, सज्जन जिंदल, रतन जिंदल एवं नवीन जिंदल कर रहे हैं। सिंगला ने कहा कि उनकी धर्मपत्नी सावित्री जिंदल हिसार से विधायक जोकि हरियाणा सरकार में राजस्व मंत्री रह चुकी हैं। उनके सुपुत्र नवीन जिंदल कुरुक्षेत्र से तीसरी बार सांसद चुने गए हैं जो एक व्यापारी, राजनीतिक के साथ-साथ राष्ट्र एवं समाजसेवा, गौसेवा, शिक्षा एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना अपना परम धर्म समझते हैं। अग्रवाल वैश्य समाज के शिरोमणि ओपी जिंदल के कार्यों से प्रेरित अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन पंजाब प्रदेश द्वारा उनकी स्मृति में प्रारंभ किया ओपी जिंदल अवार्ड समय-समय पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विख्यात समाजसेवियों, यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले युवाओं को प्रदान कर ओपी जिंदल द्वारा अपने जीवन काल में किए गए कार्यों का स्मरण किया जाता है।