फतेहाबाद में 24 घंटे में बरसा 132 एमएम पानी, स्कूलों में घुसा पानी, फसल को नुकसान
Aug 25, 2025, 13:40 IST

फतेहाबाद, 25 अगस्त फतेहाबाद जिले में सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी झमाझम बरसात जारी रही। बरसात के कारण पूरा जिला जलमग्न हो गया। सभी शहरों की सडक़ों ने तालाबों का रूप ले लिया। निचले इलाके पानी में डूब गए। स्कूलों में पानी घुसने से विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बरसात ने कपास उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ज्यादा बारिश के कारण कपास की फसल को नुकसान हो रहा है। हालांकि, धान की फसल में बारिश का फायदा है। जिला फतेहाबाद में औसत 132 एमएम बरसात दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में जिले में सबसे अधिक बरसात कुलां क्षेत्र में 217 एमएम हुई। इसके अलावा जाखल में 213 एमएम, टोहाना में 147 एमएम, भूना में 123 एमएम, फतेहाबाद में 95 एमएम, रतिया में 82 एमएम तथा भट्टू में 47 एमएम बरसात दर्ज की गई है। फतेहाबाद में बरसात के बाद पानी निकासी व्यवस्था ठप्प होकर रह गई। एक साथ इतनी बरसात होने से पानी निकासी के सारे प्रबंध धरे के धरे रह गए और सडक़ों पर कई-कई फुट पानी भर गया। सोमवार को पहला वर्किंग डे होने के कारण लोगों को अपनी दुकानों पर जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। बरसात के कारण शहर में अनेक दुकानें आज बंद ही रही। सुबह स्कूल जाने वाले विद्यार्थी भी बरसाती पानी से होकर स्कूल जाते नजर आए। बरसात के कारण शहर के जवाहर चौक, थाना रोड, धर्मशाला रोड, बाल भवन के बाहर, नेशनल हाइवे, भट्टू रोड, बीघड़ रोड, सिरसा रोड, सरकारी अस्पताल के बाहर, तुलसीदास चौक, ग्रीन पार्क सहित अनेक कालोनियों में कई-कई फुट तक पानी भर गया। कई जगह बरसात का पानी घरों में में भी जा घुसा। हालांकि आज बरसात के बावजूद शहर के अधिकतर इलाकों में बिजली व्यवस्था बहाल रही जिस कारण लोगों को राहत मिली। जाखल में पिछले 24 घंटे से हो रही बरसात से बाद पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया। शहर के मॉडल टाऊन, अनाज मण्डी, एसबीआई रोड, जगन्नाथ कालोनी, नई बस्जी सहित निचले इलाकों में जलभराव हो गया। अनाज मण्डी भी झील बनी दिखी और यहां दुकानों और मकानों में पानी जा घुसा। जाखल में एक दिन में 213 एमएम बरसात एक रिकार्ड है। टोहाना की अनाज मंडी स्थित सरकारी माध्यमिक विद्यालय में बरसाती पानी घुस गया है। इससे बच्चों को स्कूल में भारी परेशानी हो रही है। अभिभावकों ने कहा कि पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों से तुरंत पानी की निकासी करवाने की मांग की है।बरसात से खेतों में भरा पानी, कपास को नुकसान, धान को होगा फायदालगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है। इससे किसानों को फसलों में नुकसान का खतरा बना हुआ है। किसानों ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश का पानी अभी तक फसलों में खड़ा हुआ है जबकि पिछले दो दिनों से जारी बारिश से और भी खतरा बढ़ गया है। इससे फसलों के नष्ट होने की पूरी संभावना बन गई है। कपास उत्पादक किसानों ने कहा कि अगर इसी तरह और बारिश हुई तो कपास की फसल पूरी तरह गल जाएगी। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 69 हजार हेक्टेयर में कपास की फसल की मई में बिजाई की गई थी। इस समय कपास की फसल पक कर तैयार हो रही है। अगले 20 दिन बाद चुगाई का काम शुरू होना है। ऐसे में इस समय ज्यादा बारिश कपास की फसल के लिए नुकसानदायक हो रही है। दूसरी ओर इस बारिश से धान की फसल को लगातार फायदा हो रहा है। जिले में करीब 3 लाख एकड़ से ज्यादा में धान की फसल की बिजाई की हुई है। भूना, रतिया, नागपुर, कुलां, जाखल, टोहाना इलाके में सबसे अधिक धान की फसल ही ली जाती है। किसानों ने बताया कि इस समय हो रही बारिश से धान की फसल को फायदा है। इससे उत्पादन बढऩे की उम्मीद भी है।

