गुमनामी के अंधेरे में रोशनी का दीप जला रहे इन्सां
10 साल से बिछड़ा मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रमोद परिजनों से मिला, इंसानियत मुहिम बनी सहारा
Jan 20, 2026, 20:16 IST

संगरिया,20 जनवरी पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं और मार्गदर्शन के चलते डेरा सच्चा सौदा की इंसानियत मुहिम आज पीड़ित मानवता के लिए आशा की किरण बनी हुई है। इसी कड़ी में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों ने इंसानियत की मिसाल कायम करते हुए 10 वर्षों से लापता, मानसिक रूप से परेशान प्रमोद कुमार को उसके परिजनों से मिलवाया। जानकारी के अनुसार बीते दिनों डबवाली रोड पर एक लगभग 46 वर्षीय व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में बेसहारा भटकता मिला। वह मैले-कुचैले कपड़ों में भूख से व्याकुल था और अपने बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ था। उसे ब्लॉक बरीवाला के गांव साधेवाला निवासी सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार सतपाल सिंह इन्सां, जसकरण सिंह इन्सां और टेक सिंह इन्सां ने देखा और मानवता का परिचय देते हुए रात में ही उसे संगरिया लेकर आए। सूचना मिलते ही शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेदार लालचंद इन्सां और महेश गोयल इन्सां मौके पर पहुंचे। सेवादारों ने पहले उसे चाय-पानी पिलाया, फिर पुलिस थाना संगरिया को सूचना दी और मानवता भलाई केंद्र लाकर उसकी पूरी देखभाल शुरू की। उसे नहलाया गया, साफ कपड़े पहनाए गए और उपचार कराया गया। हालत में कुछ सुधार होने पर उसने अपना नाम प्रमोद कुमार, निवासी राजापुरा कलां, उत्तर प्रदेश बताया। इसके बाद साध-संगत सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उसके परिजनों की तलाश में जुट गई। सच्चे नम्र सेवादार कमेटी के सदस्य रामफल इन्सां के सहयोग से मात्र दो दिन में प्रमोद के परिजनों से संपर्क हो गया। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के राजापुरा कलां निवासी प्रमोद के पुत्र धीरेन्द्र सोनकर ने बताया कि उनके पिता करीब 10 वर्ष पहले मानसिक परेशानी के चलते घर से चले गए थे और वर्षों तक तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। पिता के जीवित और सुरक्षित होने की सूचना मिलने पर धीरेन्द्र अपने मामा देवतादीन और फूफा जल्लालू के साथ रेलगाड़ी से संगरिया पहुंचे। यहां अपने पिता को सुरक्षित देखकर भावुक हो उठे। प्रमोद भी अपने परिजनों से मिलकर बेहद खुश नजर आए। सभी कागजी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद संगरिया पुलिस के सब-इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह की मौजूदगी में प्रमोद को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस अवसर पर सब-इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह ने डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। गुमनामी के अंधेरे में जीवन जी रहे मानसिक रोगियों की देखभाल, उनका इलाज और उन्हें परिजनों तक पहुंचाना वास्तव में महान सेवा है। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत इन कार्यों से अपने गुरु, क्षेत्र और देश का नाम रोशन कर रही है। इस पुनीत सेवा कार्य में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेदार लालचंद इन्सां, महेश गोयल इन्सां के साथ विजय चुघ इन्सां, विनोद हांडा इन्सां, रविंद्र खोसा, पवन इन्सां, अमराराम इन्सां, सुखदेव इन्सां, हरप्रीत इन्सां, बबलू इन्सां, संदीप बाघला इन्सां, सुरेंद्र जग्गा इन्सां, सच्ची प्रेमी समिति सदस्य प्रबल गोयल इन्सां, लवली गर्ग इन्सां, सुरजीत खोसा इन्सां, गुरचरण खोसा इन्सां तथा ब्लॉक प्रेमी सेवक ओमप्रकाश बुडानिया इन्सां का विशेष सहयोग रहा।

