इंटरनेट बिना कैसे चलेंगे स्मार्ट क्लासरूम: कुमारी सैलजा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन पढ़ाई के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों सरकारी स्कूल आज भी इंटरनेट कनेक्शन से वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि कई स्कूलों में कंप्यूटर लैब और स्मार्ट बोर्ड तो स्थापित कर दिए गए हैं, लेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी के अभाव में वे धूल फांक रहे हैं। ऐसे में डिजिटल शिक्षा के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा से पीछे रह जा रहे हैं।
सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि सभी सरकारी स्कूलों में तत्काल भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाए और डिजिटल ढांचे की वास्तविक समीक्षा कर उसे पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में दिखावे की बजाय ठोस कदम उठाना समय की मांग है।
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डबवाली रेलवे ओवरब्रिज पर पैदल सीढिय़ां बनाने की मांग
सिरसा लोकसभा क्षेत्र के डबवाली शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर बने रेलवे ओवरब्रिज पर पैदल यात्रियों के लिए सीढ़ियां न होना गंभीर समस्या बना हुआ है। छात्राओं, महिलाओं और बुजुर्गों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच लंबा रास्ता तय करना पड़ता है या जलभराव और जाम वाले अंडरब्रिज से गुजरना पड़ता है, जो सुरक्षा की दृष्टि से जोखिमपूर्ण है। इस मुद्दे पर सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर ओवरब्रिज के दोनों ओर शीघ्र पैदल सीढ़ियां बनाने की मांग की है, ताकि स्थानीय नागरिकों को राहत मिल सके।
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खासा पठाना में अवैध पायरोलिसिस प्लांट पर कार्रवाई की मांग
सिरसा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत जिला फतेहाबाद के गांव खासा पठाना में अवैध रूप से संचालित पायरोलिसिस प्लांट पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। इन इकाइयों से निकलने वाले जहरीले धुएं और रासायनिक अवशेषों से वायु, जल और मिट्टी प्रदूषित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में श्वसन रोग सहित अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर अवैध प्लांटों पर तत्काल रोक, विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

