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हरियाणा कांगे्रस में उठ रही है सांसद कुमारी सैलजा को प्रदेशाध्यक्ष बनाने की आवाज

 
कुमारी  सैलजा को मिलना चाहिए हरियाणा कांग्रेस का नेतृत्व: चौ. बीरेंद्र सिंह
 
 हरियाणा कांगे्रस में उठ रही है सांसद कुमारी सैलजा को प्रदेशाध्यक्ष बनाने की आवाज
  चंडीगढ़, 19 सितंबर। हरियाणा कांगे्र्रस 11 साल बाद जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां कर पाई है पर अभी तक हाईकमान प्रदेशाध्यक्ष और नेता विपक्ष के नाम का ऐलान नहीं कर पाया है  जिसे लेकर हाईकमान पर उंगलियां उठना स्वाभाविक है। जिला अध्यक्ष नियुक्ति किए जाने के बाद कार्यकर्ताओं में थोडा़ राहत की सांस ली पर जिला अध्यक्ष तभी अच्छे ढंग से काम कर सकते है जब प्रदेशाध्यक्ष हो। शायद  हाईकमान चाहता है कि अगर हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाता है तो प्रदेशाध्यक्ष किसी दूसरे गुट का होना चाहिए, हुड्डा दोनों ही पद अपने ही गुट के पास देखना चाहते है। ऐसे में चौ.रणदीप सिंह सुरजेवाला भी इस पद की दौड़ में शामिल हो गए जबकि हर किसी की जुबान पर एक ही नाम बार बार आ रहा था कि सैलजा को कमान सौंपी जाए। इस बीच पूर्व कें द्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह के नाम भी सामने आया पर बीेरेंद्र सिंह ने  यह कहकर कांग्रेस में भूचाल ला दिया कि  हरियाणा कांग्रेस को मज़बूत नेतृत्व की आवश्यकता है और यह जिम्मेदारी कुमारी सैलजा को दी जानी चाहिए क्योंकि सैैलजा का अनुभव, संघर्षशील छवि और जनता से गहरा जुड़ाव उन्हें सबसे उपयुक्त नेता बनाता है।

चौ.  बीरेंद्र सिंह ने बात असंध के गांव भूषणगढ़ में पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी के जन्मदिन समारोह में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर कुमारी शैलजा, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व सांसद बलबीर सिंह सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने सैेलजा को  हरियाणा की राजनीति की धुरी बताया। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी भी चाहते हैं कि कांग्रेस को ऐसा नेतृत्व मिले जो जमीनी स्तर पर काम करने वाला और जनता की आवाज़ उठाने वाला हो।   हरियाणा की राजनीति में बदलाव का समय आ गया है और इस बदलाव की अगुवाई कुमारी सैलजा को करनी चाहिए। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि हरियाणा कांग्रेस का भविष्य कुमारी सैलजा के नेतृत्व में ही मज़बूत हो सकता है।
चौ. बीरेंद्र सिंह का यह संबोधन हुड्डा गुट को जितना नागवार गुजरा होगा उससे कही  अधिक चौ.रणदीप सिंह सुरजेवाला को धक्का लगा होगा। हुड्डा गुट के सामने दो ही नाम प्रमुखता से प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए लिये जा रहे थे एक कुमारी सैलजा का और दूसरा रणदीप सिंह सुरजेवाला का। कुछ दिन पहले तक सोशल मीडिया पर एक खबर ज्यादा वायरल हो रही थी कि हाईकमान चौ.बीरेंद्र सिंह को प्रदेशाध्यक्ष बना सकता है। इससे हुड्डा गुट की तानाशाही पर लगाम लग सकती है। चौै.बीरेंद्र सिंह और हुड्डा आपस में रिश्तेदार जरूर है पर दोनों के बीच मतभेद भी हैै और मनभेद भी है। राजनीतिक गलियारों में एक चर्चा यह भी रही कि बृजेंद्र सिंह की हार में हुड्डा की भी भूमिका रही थी, पर हुड्डा गुट इससे इंकार करता रहा। बेटे की हार का दर्द बीरेंद्र सिंह को कही न कही जरूर कचोटता होगा।