भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव व अक्षय तृतीया पर भव्य समारोह का आयोजन
- अन्याय के खिलाफ खड़े हों, नशे से दूर रहें युवाः संत बाबा ब्रह्मदास जी महाराज
Apr 19, 2026, 15:02 IST

- भगवान परशुराम ने भी अधर्म का नाश कर सत्य और धर्म की स्थापना कीः चेयरमैन देव कुमार शर्मा
सिरसा, 19 अप्रैल।
श्री ब्राह्मण सभा द्वारा भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव एवं अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को श्री गीता भवन मंदिर के प्रांगण में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डेरा बाबा भूमन शाह गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन व हरियाणा कौशल रोजगार निगम के निदेशक देव कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इससे पूर्व भगवान परशुराम चौक पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर शिक्षा व खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
संत बाबा ब्रह्मदास जी महाराज ने कहा कि आज का दिन अत्यंत हर्ष और उल्लास का है, क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि जब भी धरती पर किसी महापुरुष का अवतार होता है, उसके पीछे कोई विशेष उद्देश्य होता है। महापुरुष समाज के उद्धार के लिए ही इस धरा पर अवतरित होते हैं। जब पाप, अत्याचार और अज्ञानता बढ़ जाती है तथा धर्म का ह्रास होने लगता है, तब भगवान परशुराम ने अवतार लेकर अधर्म का नाश किया और धर्म की स्थापना की। उन्होंने कहा कि आज हम सभी का कर्तव्य है कि जहां कहीं भी अन्याय और पाप हो रहा हो, उसका दृढ़ता से विरोध करें। साथ ही उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें और देश सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
चेयरमैन देव कुमार शर्मा ने कहा कि जुर्म व अत्याचार कभी नहीं सहना चाहिए, बल्कि उसका हमेशा विरोध करना चाहिए, तभी जीवन सार्थक बनता है। अपने लिए तो सभी लड़ते हैं, लेकिन हमारी सोच भगवान परशुराम, श्री गुरु गोबिंद सिंह, शहीद भगत सिंह और स्वतंत्रता सेनानियों जैसी होनी चाहिए। यदि हम समाज के लिए जीते हैं, तो देश तरक्की करता है और कोई भी व्यक्ति भोजन, दवा व शिक्षा से वंचित नहीं रहता। संत-महापुरुष किसी एक जाति या वर्ग के नहीं होते, बल्कि वे पूरे समाज के होते हैं। भगवान परशुराम ने भी अधर्म का नाश कर सत्य और धर्म की स्थापना की थी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा ने कहा कि जब हम पूरे समाज को अपना परिवार मानने लगते हैं, तभी सच्चे संस्कार विकसित होते हैं और देश प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि आज का दिन तभी सार्थक होगा, जब हम यहां से कुछ अच्छे संस्कार और प्रेरणा अपने साथ लेकर जाएं। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम ने मानव कल्याण के लिए धरती पर अवतार लिया और 21 बार दुष्टों का नाश कर धर्म की रक्षा की। उनके जीवन से हमें यह संदेश मिलता है कि हम चाहे किसी भी वर्ग से हों, समय की आवश्यकता के अनुसार देश और समाज के हित में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। समारोह में समाजसेवी सुनील गर्ग ने श्री ब्राह्मण सभा को 51 हजार रुपये की राशि भेंट की।
श्री ब्राह्मण सभा के प्रधान अर्जुन शर्मा ने सभी अतिथियों व आगंतुकों का स्वागत किया और भगवान परशुराम के जन्मोत्सव की बधाई दी। इस अवसर पर नगर परिषद सिरसा के चेयरमैन शांति स्वरूप, वरिष्ठ पत्रकार आर.के. भारद्वाज, शंकर शर्मा, डॉ. सुनील कुमार, अंतरराष्ट्रीय चित्रकार शंकर देव शर्मा, सुनील गर्ग, कुलदीप मित्तल, विभोर सेतिया, रजिस्ट्रार डा सुनील शर्मा, विष्णु शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, रोहताश जांगड़ा, प्रो. अशोक शर्मा, पार्षद सुमन शर्मा, डॉ. गोपाल कोशिक, कुलदीप पारीक, यशपाल शर्मा, सतीश निर्मल, सत्यनारायण पारीक, भिशंबर शर्मा, मांगेराम वरिष्ठ, सोनिया शर्मा, अनुराधा पंडित, रामानंद शास्त्री, एकता रानी सहित भारी संख्या में समाज के प्रबुद्ध गणमान्यजन उपस्थित रहे।
श्री ब्राह्मण सभा द्वारा भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव एवं अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को श्री गीता भवन मंदिर के प्रांगण में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डेरा बाबा भूमन शाह गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन व हरियाणा कौशल रोजगार निगम के निदेशक देव कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इससे पूर्व भगवान परशुराम चौक पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर शिक्षा व खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
संत बाबा ब्रह्मदास जी महाराज ने कहा कि आज का दिन अत्यंत हर्ष और उल्लास का है, क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि जब भी धरती पर किसी महापुरुष का अवतार होता है, उसके पीछे कोई विशेष उद्देश्य होता है। महापुरुष समाज के उद्धार के लिए ही इस धरा पर अवतरित होते हैं। जब पाप, अत्याचार और अज्ञानता बढ़ जाती है तथा धर्म का ह्रास होने लगता है, तब भगवान परशुराम ने अवतार लेकर अधर्म का नाश किया और धर्म की स्थापना की। उन्होंने कहा कि आज हम सभी का कर्तव्य है कि जहां कहीं भी अन्याय और पाप हो रहा हो, उसका दृढ़ता से विरोध करें। साथ ही उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें और देश सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
चेयरमैन देव कुमार शर्मा ने कहा कि जुर्म व अत्याचार कभी नहीं सहना चाहिए, बल्कि उसका हमेशा विरोध करना चाहिए, तभी जीवन सार्थक बनता है। अपने लिए तो सभी लड़ते हैं, लेकिन हमारी सोच भगवान परशुराम, श्री गुरु गोबिंद सिंह, शहीद भगत सिंह और स्वतंत्रता सेनानियों जैसी होनी चाहिए। यदि हम समाज के लिए जीते हैं, तो देश तरक्की करता है और कोई भी व्यक्ति भोजन, दवा व शिक्षा से वंचित नहीं रहता। संत-महापुरुष किसी एक जाति या वर्ग के नहीं होते, बल्कि वे पूरे समाज के होते हैं। भगवान परशुराम ने भी अधर्म का नाश कर सत्य और धर्म की स्थापना की थी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा ने कहा कि जब हम पूरे समाज को अपना परिवार मानने लगते हैं, तभी सच्चे संस्कार विकसित होते हैं और देश प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि आज का दिन तभी सार्थक होगा, जब हम यहां से कुछ अच्छे संस्कार और प्रेरणा अपने साथ लेकर जाएं। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम ने मानव कल्याण के लिए धरती पर अवतार लिया और 21 बार दुष्टों का नाश कर धर्म की रक्षा की। उनके जीवन से हमें यह संदेश मिलता है कि हम चाहे किसी भी वर्ग से हों, समय की आवश्यकता के अनुसार देश और समाज के हित में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। समारोह में समाजसेवी सुनील गर्ग ने श्री ब्राह्मण सभा को 51 हजार रुपये की राशि भेंट की।
श्री ब्राह्मण सभा के प्रधान अर्जुन शर्मा ने सभी अतिथियों व आगंतुकों का स्वागत किया और भगवान परशुराम के जन्मोत्सव की बधाई दी। इस अवसर पर नगर परिषद सिरसा के चेयरमैन शांति स्वरूप, वरिष्ठ पत्रकार आर.के. भारद्वाज, शंकर शर्मा, डॉ. सुनील कुमार, अंतरराष्ट्रीय चित्रकार शंकर देव शर्मा, सुनील गर्ग, कुलदीप मित्तल, विभोर सेतिया, रजिस्ट्रार डा सुनील शर्मा, विष्णु शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, रोहताश जांगड़ा, प्रो. अशोक शर्मा, पार्षद सुमन शर्मा, डॉ. गोपाल कोशिक, कुलदीप पारीक, यशपाल शर्मा, सतीश निर्मल, सत्यनारायण पारीक, भिशंबर शर्मा, मांगेराम वरिष्ठ, सोनिया शर्मा, अनुराधा पंडित, रामानंद शास्त्री, एकता रानी सहित भारी संख्या में समाज के प्रबुद्ध गणमान्यजन उपस्थित रहे।

