सूरजकुंड हादसे में मारे गए इंस्पेक्टर के परिवार को एक सरकारी नौकरी व एक करोड़ देगी सरकार
Feb 8, 2026, 14:28 IST

फरीदाबाद, 08 फरवरी। सूरजकुंड मेला में शनिवार शाम झूला टूटने से ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक जगदीश प्रसाद की मौत पर डीजीपी अजय सिंघल ने गहरा शोक व्यक्त किया है और दिवंगत इंस्पेक्टर जगदीश की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है वहीं उन्होंने अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल लोगों से भी मुलाकात की। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सूरजकुंड मेले में ड्यूटी के दौरान निरीक्षक जगदीश ने असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।डीजीपी ने कहा कि डयूटी के दाैरान जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश शाे शहीद का दर्जा दिया जाएगा।
उनके परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। परिवार के मुताबिक, जगदीश प्रसाद मूल रूप से यूपी के मथुरा के गांव डेगर के रहने वाले थे। 1889 में हरियाणा पुलिस में सिपाही भर्ती हुए और इसी साल 31 मार्च को उनकी रिटायरमेंट थी। नवंबर 2025 में उनको चांदहट में थाना इंचार्ज बनाया गया था।
उनकी तत्परता और बहादुरी के कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी, जो पुलिस सेवा की सर्वोच्च परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। श्री सिंघल ने कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश के परिजनों को पॉलिसी के तहत एक करोड़ रूपए की राशि तथा विभाग द्वारा दिए जाने वाले अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे और कहा कि हरियाणा पुलिस की तरफ से परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि निरीक्षक जगदीश का योगदान और समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा तथा उनका निधन पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल ने सूरजकुंड मेला दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए आज अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा चिकित्सकों से उपचार की प्रगति के बारे में विस्तृत चर्चा की। डीजीपी ने प्रत्येक घायल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार एवं पुलिस विभाग उनके समुचित उपचार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस अवसर पर डीजीपी ने कहा कि दुर्घटना अत्यंत दुखद है और प्रशासन घायलों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए, ताकि उपचार प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनी रहे।
उनके परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। परिवार के मुताबिक, जगदीश प्रसाद मूल रूप से यूपी के मथुरा के गांव डेगर के रहने वाले थे। 1889 में हरियाणा पुलिस में सिपाही भर्ती हुए और इसी साल 31 मार्च को उनकी रिटायरमेंट थी। नवंबर 2025 में उनको चांदहट में थाना इंचार्ज बनाया गया था।
उनकी तत्परता और बहादुरी के कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी, जो पुलिस सेवा की सर्वोच्च परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। श्री सिंघल ने कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश के परिजनों को पॉलिसी के तहत एक करोड़ रूपए की राशि तथा विभाग द्वारा दिए जाने वाले अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे और कहा कि हरियाणा पुलिस की तरफ से परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि निरीक्षक जगदीश का योगदान और समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा तथा उनका निधन पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल ने सूरजकुंड मेला दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए आज अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा चिकित्सकों से उपचार की प्रगति के बारे में विस्तृत चर्चा की। डीजीपी ने प्रत्येक घायल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार एवं पुलिस विभाग उनके समुचित उपचार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस अवसर पर डीजीपी ने कहा कि दुर्घटना अत्यंत दुखद है और प्रशासन घायलों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए, ताकि उपचार प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनी रहे।

