फतेहाबाद में गेहूं खरीद के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी की शर्त के विरोध में किसानों ने लगाया चक्का जाम
Apr 11, 2026, 13:52 IST

फतेहाबाद, 11 अप्रैल हरियाणा सरकार द्वारा गेहूं खरीद प्रक्रिया में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने के फैसले का विरोध करते हुए किसान शनिवार को सड़कों पर उतर आए। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने एकजुट होकर रतिया में बुढलाडा मार्ग स्थित संजय गांधी चौक पर पूर्णत: चक्का जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा। इसके अलावा टोहाना में भी किसानों ने हिसार रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। पब्लिक हेल्थ के एसडीओ आंचल जैन को मौके पर बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया था ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। रतिया में किसानों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे ही मोर्चा संभाल लिया। सैकड़ों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और झंडों के साथ संजय गांधी चौक पर पहुंचे और बीच सडक़ पर धरने पर बैठ गए। इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई। हालांकि, किसानों ने मानवीय पक्ष दिखाते हुए एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को जाम से मुक्त रखा। धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहा) के जिला अध्यक्ष निर्भय सिंह और भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ हरियाणा के अमन सिंह ने सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। किसान नेताओं का कहना है कि गेहूं खरीद के दौरान बायोमेट्रिक हाजिरी की शर्त व्यावहारिक नहीं है और इससे किसानों व आढ़तियों को भारी परेशानी हो रही है। किसान नेता राजविंदर सिंह चहल और राम जाट ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस तानाशाही फैसले को तुरंत वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा और पूरा हरियाणा बंद कर दिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार जानबूझकर खरीद प्रक्रिया को जटिल बना रही है ताकि किसानों को परेशान किया जा सके। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद आम जनता को तंग करना नहीं है, बल्कि सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार खरीद नियमों को सरल नहीं करती और बायोमेट्रिक की शर्त नहीं हटाती, उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए सदर थाना अध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला। उन्होंने बताया कि जाम के कारण आम जनता को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए पुलिस ने रूट डायवर्ट किए थे, जिससे छोटे वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला गया। इस जाम के कारण रतिया से पंजाब और अन्य शहरों को जोडऩे वाले मुख्य मार्ग पर परिवहन पूरी तरह ठप रहा, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

