2047 तक सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों व शैक्षणिक संस्थानों की होगी डिजिटल ट्रैकिंग
Jan 8, 2026, 20:19 IST

चंडीगढ़, 08 जनवरी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को ध्यान में रखते हुए नीव पोर्टल को विकसित किया गया है। नीव पोर्टल इंटेलिजेंट, डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करता है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को पंचकूला में आयोजित एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीव पोर्टल का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक प्रावधान का वास्तविक, निष्पक्ष और सतत मूल्यांकन हो सके। यह पोर्टल रियल-टाइम डेटा, प्रदर्शन संकेतकों और भविष्यसूचक विश्लेषण के माध्यम से शिक्षा प्रणाली की निरंतर निगरानी करता है। इससे यह स्पष्ट रूप से पता चलता है कि कौन-सी संस्थाएं नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं और कहां सुधार की जरूरत है। यह पोर्टल केवल निगरानी का साधन नहीं, बल्कि समय रहते सुधार और दिशा-निर्देशन का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में नीव पोर्टल को विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है। इसके बाद महाविद्यालयों और आगे चलकर स्कूलों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक इसका विस्तार किया जाएगा। इस क्रमबद्ध विस्तार से शिक्षण संस्थानों में एकरूपता, गुणवत्ता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति तत्परता सुनिश्चित होगी। नीव पोर्टल के माध्यम से 2047 तक सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में शत-प्रतिशत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुपालन की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी।
एमओयू के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ज्ञान सेतु' पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और राज्य के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोडऩा है, ताकि शोध केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर समाज और शासन की समस्याओं का समाधान बन सके।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की गुरुओं पर की गई टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा गुरुओं पर की गई टिप्पणी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं ने धर्म, मानवता और देश की रक्षा के लिए अपनी पीढ़ियाें को कुर्बान कर दिया। गुरुओं के प्रति उनकी ऐसी सोच ही दुर्भाग्यपूर्ण है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुओं की शिक्षा से हमें प्रेरणा और आने वाली पीढ़ियाें को ऊर्जा मिलती है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा की बजाय शराब के ठेके खोले। महिलाओं के लिए अलग से शराब के ठेके खोले। ऐसा पूरे देश में केवल दिल्ली में हुआ है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को पंचकूला में आयोजित एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीव पोर्टल का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक प्रावधान का वास्तविक, निष्पक्ष और सतत मूल्यांकन हो सके। यह पोर्टल रियल-टाइम डेटा, प्रदर्शन संकेतकों और भविष्यसूचक विश्लेषण के माध्यम से शिक्षा प्रणाली की निरंतर निगरानी करता है। इससे यह स्पष्ट रूप से पता चलता है कि कौन-सी संस्थाएं नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं और कहां सुधार की जरूरत है। यह पोर्टल केवल निगरानी का साधन नहीं, बल्कि समय रहते सुधार और दिशा-निर्देशन का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में नीव पोर्टल को विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है। इसके बाद महाविद्यालयों और आगे चलकर स्कूलों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक इसका विस्तार किया जाएगा। इस क्रमबद्ध विस्तार से शिक्षण संस्थानों में एकरूपता, गुणवत्ता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति तत्परता सुनिश्चित होगी। नीव पोर्टल के माध्यम से 2047 तक सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में शत-प्रतिशत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुपालन की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी।
एमओयू के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ज्ञान सेतु' पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और राज्य के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोडऩा है, ताकि शोध केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर समाज और शासन की समस्याओं का समाधान बन सके।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की गुरुओं पर की गई टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा गुरुओं पर की गई टिप्पणी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं ने धर्म, मानवता और देश की रक्षा के लिए अपनी पीढ़ियाें को कुर्बान कर दिया। गुरुओं के प्रति उनकी ऐसी सोच ही दुर्भाग्यपूर्ण है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुओं की शिक्षा से हमें प्रेरणा और आने वाली पीढ़ियाें को ऊर्जा मिलती है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा की बजाय शराब के ठेके खोले। महिलाओं के लिए अलग से शराब के ठेके खोले। ऐसा पूरे देश में केवल दिल्ली में हुआ है।

