सेवा, सुश्रुषा, भरोसे का सफरनामा: एपेक्स अस्पताल
मानवीय सेवा की सरिता में बीते 25 स्वर्णिम वर्ष

सिरसा 11 मार्च
सिरसा। वो एक ख्वाब जो कभी 70 के दशक में गांव बप्पां के एक बुजुर्ग ने रोहतक मेडिकल कॉलेज में बीमारी की अवस्था में अपने नवासे में भविष्य के चिकित्सक के रूप में देखा था, वह ख्वाब सिरसा में एपेक्स अस्पताल के रूप में जीवन की उस हकीकत के रूप में पिछले 25 वर्षों से सेवा, सुश्रुषा और भरोसे के रूप में अटलता से खड़ा है, जहां जटिल, असाध्य रोगों का निदान आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से किया जा रहा है। इस जीवनदायिनी एपेक्स अस्पताल में जहां शारीरिक विकारों का निराकरण सिद्धहस्त चिकित्सक डॉ. आरके मेहता द्वारा किया जाता है वहीं इसी अस्पताल में नि:संतान दंपत्तियों की गोद में संतान रूपी आशीर्वाद दिलाने वाली महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा मेहता का किरदार भी किसी फरिश्ते से कम नजर नहीं आता।
70 के दशक में जिले के गांव कुस्सर निवासी डॉ. आरके मेहता का बचपन अपने नाना के पास गांव बप्पां में गुजरा। उस दौरान उनके नाना एक हादसे में पेट में चोट लगने के कारण गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। चोट की गंभीरता ये थी कि उन्हें रोहतक मेडिकल कॉलेज में उपचारधीन करवाया गया, जहां डॉ. आरके मेहता महज 6 वर्ष की अल्पायु में अपने नाना के पास उनके उपचार के दौरान उनके करीब होते थे। उस दौरान रोहतक मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने उनका हर पल उपचार कर उन्हें राहत देने का प्रयास किया मगर उनका बाद में देहावसान हो गया। देहावसान से पूर्व उनके नाना ने ये ख्वाब देखा कि जिस प्रकार रोहतक मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक आमजन की सेवा रोगों को दूर करने में अपना योगदान देकर कर रहे हैं, काश उनका नवासा भी भविष्य में चिकित्सक बनकर आमजन की सेवा में रत रहे। डॉ. आरके मेहता ने उस ख्वाब को हकीकत में बदलने के लिए स्वयं को चिकित्सकीय शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया और रोहतक मेडिकल कॉलेज से सर्जरी में सिद्धहस्तता हासिल की।
क्रांतिकारी विचार ने बदली जीवनधारा
नाना के ख्वाबों को हकीकत में बदलने वाले इसी परिश्रमी चिकित्सक डॉ. आरके मेहता का वैवाहिक जीवन भी डॉ. मनीषा मेहता संग आरंभ हुआ जिन्होंने दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित लेडी हार्डिंग व मौलाना अबुल कलाम अस्पताल से महिला रोगों के क्षेत्र में मर्मज्ञता हासिल की। वैवाहिक जीवन में बंधने के बाद डॉ. आरके मेहता के पिता ने उन्हें एक विचार दिया जिसमें दिल्ली जैसे बड़े शहरों की बजाए सिरसा जैसे छोटे शहर में स्वयं का अस्पताल संचालित कर आमजन की सेवा करना प्रस्तावित था। इसी एक विचार ने डॉ. आरके मेहता व डॉ. मनीषा मेहता ने अपने जीवन की धारा को सिरसा में ही रहकर सेवा करने के रूप में मोड़ दिया और 11 मार्च 2001 को सिरसा में एपेक्स अस्पताल स्थापित कर मानवीय सेवा का आगाज़ किया।
आशीर्वाद के रूप में मिलती हैं सद्प्रेरणाएं
डॉ. आरके मेहता द्वारा एपेक्स अस्पताल के संचालन की प्रक्रिया के दौरान ही डॉ. मनीषा मेहता ने वर्ष 2011 में सिरसा में प्रथम आईवीएफ सेंटर आरंभ किया। तब से लेकर अब तक वे अपने अनुभव व आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से हजारों निसंतान दंपत्तियों को संतान रूपी आशीर्वाद दे चुकी हैं। आमजन की रोगों के रूप में शारीरिक पीड़ाओं को दूर करने व
निसंतान दंपत्तियों को संतान सुख दिलाने वाले चिकित्सक मेहता दंपत्ति को जिस प्रकार संबद्ध परिवारों का आशीर्वाद व दुआएं मिलती हैं, वे निरंतर इस चिकित्सक दंपत्ति को पहले से भी कहीं अधिक शिद्दत से आगे बढऩे व मानवीय सेवा के प्रति सद्प्रेरणाएं देती हैं। आईवीएफ सेंटर से संतान रूपी लाभ प्राप्ति के लिए दिल्ली, लुधियाणा, गुरुग्राम के अलावा बड़े शहरों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर ऑस्टे्रलिया, यूएस, कनाडा, स्विटजरलैंड व पाकिस्तान सरीखे मुल्कों से भी निसंतान दंपत्ति सिरसा स्थित एपेक्स अस्पताल की सेवाएं लेते रहे हैं और यह प्रक्रिया सतत जारी है। स्वयं चिकित्सक मेहता दंपत्ति इस बात को ईश्वरीय प्रसाद मानते हैं कि बड़े शहरों में जाने की बजाए बड़े शहरों के निसंत्तान दंपत्ति एपेक्स अस्पताल सिरसा की सेवाएं लेने लगे हैं जिससे प्रमाणित होता है कि सिरसा देश के उन चिह्नित शहरों में विशिष्ट स्थान रखता है, जहां निशुल्क दंपत्ति की आस विश्वास में बदलती है।
प्रशिक्षण के लिए विदेशों से आते हैं चिकित्सक
एपेक्स अस्पताल में चिकित्सकों की गुणवत्ता, मरीजों के उपचार के लिए आधुनिक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता इस प्रतिस्र्पधी दौर में भी उन्हें बड़े अस्पतालों से अलग कतारबद्ध करती है, जहां मरीज व उनके तिमारदारों का भरोसा एपेक्स अस्पताल के प्रति झलकता है। इस अस्पताल को यदि आधुनिक दौर में आधुनिक प्रशिक्षणशाला भी कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी क्योंकि अब एपेक्स अस्पताल में केवल भारत के दूर दराज के राज्यों से ही नहीं बल्कि जोर्डन व इराक जैसे देशों से भी चिकित्सक सर्जरी क्षेत्र में नवीन प्रशिक्षण के उद्देश्यों से आते हैं। मानवीय सेवा के इसी जज्बे से प्रभावित व संपूर्ण प्रशिक्षण के बाद अब तक वैश्विक स्तर पर अनेक चिकित्सक अपने अपने देशों में नवीन तकनीक के माध्यम से रोगियों को उपचारित कर रहे हैं।
स्नेह, भरोसा, आत्मीयता है मेहता दंपत्ति की ऊर्जा
स्वयं अपने शब्दों में प्रसिद्ध सर्जन डॉ. आरके मेहता व महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा मेहता कहते हैं कि मानवीय क्षेत्र में बीमार को उपचारित कर उन्हें स्वस्थ बनाने के बाद जो मुस्कुराहट रोगी के अधरों पर तैरती है, वह उन्हें उस सुकूं के सागर में डुबकी लगवाती है, जो अमूल्य है। आमजन का जो भरोसा, विश्वास, स्नेह व आत्मीयता के रूप में उन्हें जो एहसास दिलाते हैं, वे पल प्रतिपल मानवीय सेवा में कुलांछे भरने के लिए उन्हें प्रेरित करते हैं और संभवत: यही ईश्वरीय बल उन्हें अपने जीवन का मूल सेवा के रूप में बनाए रखने का संतोष प्रदान करता है।

