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बिजली क्षेत्र में हरियाणा ने किया उल्लेखनीय कार्य: मुख्यमंत्री

 -हरियाणा में 80 प्रतिशत से अधिक गांवों को मिल रही 24 घंटे बिजली
-पिछले 8 सालों में राज्य सरकार ने बिजली दरों में कोई बढोतरी नहीं की
 
  बिजली क्षेत्र में हरियाणा ने किया उल्लेखनीय कार्य: मुख्यमंत्री
 एक लाख सोलर कनेक्शन देने का रखा लक्ष्य

चंडीगढ़, 18 नवंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज यहां हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा आयोजित विनियामक मंच (फोर्म ऑफ रेगुलेटर्स) की 83वीं बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर अन्य राज्यों से आए हुए विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्षों व सदस्यों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में हरियाणा ने बिजली के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसकी बदौलत आज हरियाणा बिजली के मामले में देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव को 24 घंटे बिजली प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वर्ष 2016 में कुरुक्षेत्र से म्हारा गांव-जगमग गांव योजना की शुरुआत की। आज राज्य में 5680 गांवों लगभग 80 प्रतिशत गांवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है।
फ्री इलेक्ट्रिसिटी इज नो इलेक्ट्रिसिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ प्रांतों में फ्री बिजली देने की शुरुआत हुई है, लेकिन हमने इस अवधारणा को नकारा है, क्योंकि फ्री इलेक्ट्रिसिटी इज नो इलेक्ट्रिसिटी। इससे न तो उपभोक्ताओं का भला होता है और न ही सरकार का। हरियाणा के लोगों ने भी इस बात को समझा है और वे सरकार का पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने हरियाणा में चली आ रही बिजली के बिल न भरने की प्रथा पर करारा प्रहार किया। वर्ष 2015 में बाढड़ा में एक जन रैली के दौरान वहां के नागरिकों से बिजली के बिल भरने की अपील की और यही संदेश प्रदेशभर के नागरिकों तक पहुंचाया। इस पहल में लोगों ने भी हमारा सहयोग किया और आज हरियाणा बिजली क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
पिछले 8 सालों में राज्य सरकार ने बिजली दरों में कोई बढोतरी नहीं की
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 8 सालों में बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की, बल्कि बिजली की दरों को घटाकर लोगों को राहत पहुंचाई है। एफएसए 37 पैसे था, जो हमने समाप्त कर दिया। इतना ही नहीं, बिजली की दर 150 यूनिट तक 4.50 रुपये प्रति यूनिट थी, जिसमें हमने कमी की और 200 यूनिट तक 2.50 रुपये प्रति यूनिट तथा 50 यूनिट तक मासिक बिजली खपत करने पर 2 रुपये प्रति यूनिट की दर निर्धारित की। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि 50 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को और रियायत पहुंचाई जा सके, ताकि गरीब परिवारों को राहत मिल सके। इसके लिए सरकार विद्युत नियामक आयोग से इस प्रस्ताव पर चर्चा करेगी।
लाइन लॉस में कमी लाकर बिजली निगमों को घाटे से उबारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में राज्य में लाइन लॉस 29 प्रतिशत थे, जो आज घटकर 14 प्रतिशत पर आ गए हैं। इससे लगभग 6 हज़ार करोड़ रुपये की बचत हुई है। सरकार और बिजली निगमों के प्रयासों से आज हरियाणा के चारों बिजली निगम लाभांश की स्थिति में है। सरकार ने बिजली की चोरी रोकने व लाईन लॉस कम करने तथा मीटरिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया है। इस अवसर पर हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष आर के पचनंदा, अन्य राज्यों से आए विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष व सदस्य उपस्थित रहे।

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