बीपीएमएस के 36 वें निःशुल्क कैंप में 125 मरीजों की ओपीडी, 35 का होगा नेत्र आपरेशन
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता
'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: दिनेश गुप्ता

बीपीएमएस महासचिव दिनेश गुप्ता ने कहा कि भिवानी परिवार मैत्री संघ ने समिजसेवा के क्षेत्र में अनेक मिसाल कायम की हैं। उन्होंने कहा कि 'सबको नेत्र ज्योति' व 'सबका साथ-सबका स्वास्थ्य मिशन' में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने आह्वान किया कि लोग कैंसर जांच के लिए संकोच न करें और न ही डरें। समय रहते यदि इस बीमारी का पता चलने पर इसका पूरी तरह इलाज संभव है। छिपाने से यह बीमारी घातक रूप ले लेती है।
'चेतना' के महासचिव एनआर जैन ने जरूरतमंद मरीजों की सेवा में बीपीएमएस के संकल्पों का जिक्र करते हुए कहा कि शिविर में आए हर व्यक्ति की नेत्र एवं चिकित्सा जांच के साथ-साथ दवा, चश्मे आदि मुफ्त दिए जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि आंखों की जांच इंदिरा गांधी आई हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, गुरुग्राम के विख्यात चिकित्सकों ने की तथा मेडिकल एवं कैंसर जांच दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुभवी डॉक्टरों द्वारा की गई।
उल्लेखनीय है कि बीपीएमएस के 35 निःशुल्क चिकित्सा शिविरों में भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, जींद से लेकर दिल्ली तक के हजारों गरीब व जरूरतमंद मरीज निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं ले चुके हैं। शिविरों में चिकित्सा के स्तर तथा दवाओं की गुणवत्ता के कारण बीपीएमएस की ख्याति अब पड़ोसी राज्यों तक जा पहुंची है।

