जयहिंद सेना प्रमुख नवीन और पुलिस में नोकझोंक, बुजुर्ग ने पेड़ पर चढ़कर किया विरोध
Aug 25, 2025, 19:35 IST

रोहतक 25 अगस्त राेहतक जिले के सेक्टर-6 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा बाग में पेड़ काटने की कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को जयहिंद सेना प्रमुख नवीन और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। एक बुजुर्ग ने पेड़ पर चढ़कर विरोध जताया, जिसे बाद में समझा-बुझाकर उतारा गया।
नवीन जयहिंद ने कहा कि पेड़ काटना मनुष्य की हत्या करने के समान है। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक पेड़ मां के नाम लगाने की बात कर रहे है, वहीं दूसरी ओर विभाग द्वारा लगे लगाए पेड़ाें को काटा जा रहा है, जोकि सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर पेड़ लगे हुए है उसका मामला एनजीटी कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद भी एचएसवीपी के अधिकारी पेड़ काटने पर आतुर है। उन्होंने कहा कि एचएसवीपी पेड़ काटकर प्लाट काटना चाहती है, जबकि जिस स्थान पर पेड़ लगे हुए है, उसके साथ में बहुत सी जमीन खाली पड़ी है, अगर विभाग को जमीन ही चाहिए है तो वह खाली जमीन का भी इस्तेमाल कर सकता है, पेड़ाें को काटने की कोई जरूरत नहीं है। यह बीस साल पुराने पेड़ है, जोकि एक तरह से लोगों के लिए आक्सीजन का प्लांट है, जबकि एचएसवीपी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन विभाग की है। दरअस इस जमीन को लेकर एनजीटी कोर्ट में विचाराधीन है
नवीन जयहिंद ने कहा कि पेड़ काटना मनुष्य की हत्या करने के समान है। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक पेड़ मां के नाम लगाने की बात कर रहे है, वहीं दूसरी ओर विभाग द्वारा लगे लगाए पेड़ाें को काटा जा रहा है, जोकि सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर पेड़ लगे हुए है उसका मामला एनजीटी कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद भी एचएसवीपी के अधिकारी पेड़ काटने पर आतुर है। उन्होंने कहा कि एचएसवीपी पेड़ काटकर प्लाट काटना चाहती है, जबकि जिस स्थान पर पेड़ लगे हुए है, उसके साथ में बहुत सी जमीन खाली पड़ी है, अगर विभाग को जमीन ही चाहिए है तो वह खाली जमीन का भी इस्तेमाल कर सकता है, पेड़ाें को काटने की कोई जरूरत नहीं है। यह बीस साल पुराने पेड़ है, जोकि एक तरह से लोगों के लिए आक्सीजन का प्लांट है, जबकि एचएसवीपी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन विभाग की है। दरअस इस जमीन को लेकर एनजीटी कोर्ट में विचाराधीन है

