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गाड़ी में मिला शव, स्टेयरिंग से बंधी थी गर्दन

 
झज्जर, 17 नवंबर  झज्जर के गांव खाचरौली के पास बोलेरो गाड़ी में एक शराब कारोबारी का शव पड़ा हुआ मिला है। जब नजदीक जाकर देखा गया तो पता चला कि कनपटी पर गोली मारकर उसकी हत्या की गई है। गुरुवार 12 फुटा रोड पर गाड़ी के अंदर शव मिला। मृतक की गर्दन स्टेयरिंग के साथ बांधी हुई थी। शव देखकर लग रहा है कि कारोबारी की हत्या देर रात की गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। वीरवार की सुबह खाचरौली से मानकवास जाने वाले रास्ते पर ग्रामीणों ने एक युवक का शव पड़ा देखा तो वह सन्न रह गए। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, लोगों ने वारदात की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक की पहचान जिला चरखी दादरी के गांव निमली निवासी सतीश (35) पुत्र दिलबाग के रूप में हुई है। सतीश के महेंद्रगढ़ जिले में शराब के कई ठेके हैं। वहीं, 3 से 4 लोगों के साथ ठेकों में साझेदारियां हैं। अस्पताल परिसर में मौजूद मृतक के मामा सतबीर ने बताया कि वे ससरौली गांव के रहने वाले हैं। उन्हें सुबह सात बजे घटना का पता चला। उनके भांजे सतीश को कनपटी पर गोली मारी गई है। सतीश शराब का ठेकेदार था। उसके महेंद्रगढ़ जिले के शराब के ठेकों में साझेदारी थी। उन्होंने बताया कि करीब 35 वर्षीय सतीश अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था। उसके एक बेटा और बेटी है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की जानकारी ले रही है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मृतक के सिर पर गोली मारे जाने का निशान है, जिससे प्रथम दृष्टया युवक की गोली मारकर हत्या किया जाना प्रतीत हो रहा है। सिविल अस्पताल में आए सतीश के स्वजनों ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी सुबह मिली। पूरी रात सतीश का शव गाड़ी में पड़ा रहा। स्वजनों का कहना है कि जब उन्होंने सतीश को देखा तो उसके सिर से गोली आरपार थी। फिर मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन करते हुए शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। स्वजनों का कहना है कि सतीश का किसी के साथ भी लड़ाई झगड़ा नहीं था। उसके साथ तीन से चार पार्टनरशिप थे। आज तक झगड़ा नहीं हुआ। ऐसे में किसने सतीश की गोली मारकर हत्या की है। यह भी एक बड़ा विषय बना हुआ है। सतीश घर का इकलौता बेटा था। पूरे घर की जिम्मेदारी केवल उसी पर थी। सतीश की मौत होने के बाद घर वालों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। क्योंकि सतीश के बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दोनों बच्चे उसी की कमाई पर निर्भर थे।
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