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नरेन्द्र मोदी के चार एम ने भारत में किए क्रांतिकारी बदलाव : गिरिराज सिंह

 
नरेन्द्र मोदी के चार एम ने भारत में किए क्रांतिकारी बदलाव : गिरिराज सिंह
बेगूसराय, 11 जून। केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि चार एम पर काम कर रही नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बीते नौ वर्ष में देश में ऐसे बदलाव किए जो न सिर्फ वर्तमान, बल्कि, भविष्य का नवभारत बन गया है।

गिरिराज सिंह ने रविवार को बेगूसराय में बातचीत में कहा कि नरेन्द्र मोदी के चार एम यानी नजरिया (माइंड सेट) में बदलाव, मिशन मोड में काम करना, काम की मॉनिटरिंग और सामूहिक भागीदारी के मंत्र पर काम किया गया तो नौ वर्ष सेवा और विकास का बेमिसाल नौ वर्ष साबित हो गया है।

स्टार्टअप संस्कृति में जबरदस्त क्रांति हुई, अग्निपथ राष्ट्र निर्माण का नया युग बना रहा है। भारत सरकार दस लाख सरकारी नौकरी के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। रोजगार के लिए उठाए गए कदम ने बड़े बदलाव किए। गरीबों के भलाई की सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जन-धन योजना, आधारभूत संरचना विकास, किसान कल्याण एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने कई बड़े क्रांति किए।

शिक्षा के क्षेत्र, प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र, गरीब कल्याण योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं केंद्रीय वित्त आयोग अनुदान आदि के माध्यम से किए गए कार्यों ने बदलाव कर दिए।

स्टार्टअप संस्कृति में ऐसा बदलाव हुआ कि भारत दुनिया का तीसरा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। स्टार्टअप की संख्या बढ़कर करीब एक लाख हो गई। हर घंटे चार स्टार्टअप पंजीकृत हुए, फंडिंग में 15 गुना की वृद्धि हुई। स्टार्टअप इकोसिस्टम से 70 से 80 लाख नौकरियां सृजित की गई। स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया तथा एमएसएमई से डेढ़ करोड़ नौकरियां सृजित हुई।

निवेशकों की संख्या में नौ गुना बढ़ोतरी हुई है। 2016 से अब तक दस हजार अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना हुई। इसके द्वारा भारत स्टार्टअप हब बनने की ओर अग्रसर है। इसके तहत 29 सौ से अधिक स्टार्टअप इनक्यूबेल किए गए हैं। 32 हजार से अधिक नौकरियों के अवसर उपलब्ध हुए हैं। टियर-टू एवं थ्री शहरों में करीब 550 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। पिछले नौ वर्ष में 68 लाख नौकरियों में से इन शहरों में 45 प्रतिशत नौकरियों का सृजन हुआ।

भारत सरकार द्वारा रोजगार के लिए उठाए गए कदम से मुद्रा योजना में 38 करोड़ लोन दिए गए। खादी और ग्रामोद्योग में करोड़ों नौकरियां सृजित हुई। एनआरएलएम ग्रामीण लाइवलीहुड कार्यक्रम से करीब साढ़े आठ करोड़ लोगों को रोजगार मिला। पीएलआई स्कीम से करीब 20 लाख अतिरिक्त नौकरी सृजित हुई। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से सवा करोड़ युवा प्रशिक्षित हुए।

नई ड्रोन पॉलिसी तथा स्पेस सेक्टर को खोलने से आठ से दस लाख नई नौकरियां सृजित होगी। क्लीन एनर्जी में 20 से 25 लाख नौकरियां सृजित हो रही है। पीएम स्वनिधि योजना से 30 लाख लोगों को जोड़ा गया। 2014 में दस करोड़ ईपीएफओ था, आज करीब 28 करोड़ हो गया है। 2014 से पहले जहां चार यूनिकॉर्न थे, 2023 में 115 यूनिकॉर्न हो गए। विश्व स्तर पर दस में से एक यूनिकॉर्न भारत का है।